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Showing posts from December, 2018

क्या पाउडर लगाने से कैंसर हो सकता है?

ये बात डरा सकती है क्योंकि पाउडर तो सभी इस्तेमाल करते हैं. लेकिन शायद ही किसी ने कभी ये सोचा होगा कि पाउडर लगाने से कैंसर भी हो सकता है. जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के बेबी पाउडर को लेकर ऐसे कई दावे किए गए हैं कि इस पाउडर के इस्तेमाल से गर्भाशय का कैंसर हो सकता है. इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक अमरीकी महिला ने फ़ार्मास्युटिकल कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर आरोप लगाया कि इसके इस्तेमाल से उसे गर्भाशय का कैंसर हो गया. इसके बाद कैलिफ़ोर्निया की एक अदालत ने कंपनी को क़रीब 27 अरब रुपये हर्जाना देने का आदेश सुनाया. इस अमरीकी महिला के मामले पर फ़ैसला सुनाते हुए न्यायधीशों ने कहा कि इस पाउडर में एस्बेस्टस का इस्तेमाल होता है लेकिन कंपनी ने उससे होने वाले ख़तरे के बारे में उपभोक्ताओं को नहीं बताया. एक नहीं, हज़ारों महिलाओं ने लगाए आरोप वैसे ये अकेला मामला नहीं है. न्यूजर्सी स्थित जॉनसन एंड जॉनसन के मुख्यालय में हज़ारों महिलाओं ने दावा किया है कि पाउडर लगाने के बाद वे गर्भाशय कैंसर की शिकार हुईं. उनका दावा है कि गुप्तांगों के पसीने को सोखने के लिए वे पाउडर का इस्तेमाल करती थीं. जिसके बाद उन...

इस्लामिक स्टेट ने एक मस्जिद तबाह कर खोल दिया 3000 साल पुराना राज़

यहां पर सदियों से इबादत होती रही है. ईसाई धर्म के शुरुआती दिनों में यहां पर एक मठ भी बनाया गयाथा. पर, क़रीब 600 साल पहले इस ईसाई मठ को मुस्लिम इबादतगाह में तब्दील कर दिया गया. इस इबादतगाह को पैग़म्बर यूना को समर्पित किया गया. इस धमाके के वीडियो का प्रसारण पूरी दुनिया में दिखाया गया था. इस्लामिक स्टेट का संदेश साफ़ था : भले ही कोई जगह कितनी भी पवित्र हो, कितनी भी पूजनीय क्यों न हो , वो इस्लामिक स्टेट की क़ुरान की कट्टरपंथी व्याख्या की ज़द से परे नहीं थी. लेकिन, नबी यूनुस की बर्बादी से इस प्राचीन और पवित्र माने जानेवाले टीले की कहानी ख़त्म नहीं हुई. इसके बजाय इस तबाही ने बड़े दिलचस्प सवाल को जन्म दिया कि आख़िर उस मस्जिद की संग-ए-बुनियाद के नीचे आख़िर क्या है? 2018 के बसंत के मौसम में बीबीसी अरबी सर्विस की तरफ़ से एक टीम को नबीयू नुस भेजी गई . हाल ही में वहां पर पहाड़ी के अंदर कुछ सुरंगें मिली थीं. बीबीसी की टीम वहां ये पता लगाने गई कि आख़िर इस घुमावदार, पेचीदा और धूल भरी सुरंगों की हक़ीक़त क्या है. बीबीसी की टीम ने नबी यूनुस के उस पहाड़ी इलाक़े की हाई रिज़ॉल्यूशन वाली तस्वीर...

क्या नाश्ता करना सचमुच फ़ायदेमंद होता है?

पुरानी कहावत है -सुबह का नाश्ता राजा की तरह, दोपहर का खाना राजकुमार की तरह और रात का भोजन भिखारी की तरह का होना चाहिए. मतलब ये कि सुबह का नाश्ता भरपूर होना चाहिए. इससे आप को दिन भर दिमाग़ी और शारीरिक मेहनत के लिए ऊर्जा मिल जाती है. नाश्ता न करना एशिया से लेकर अमरीका तक सेहत के लिए बुरा माना जाता है. जबकि दुनिया में बड़ी तादाद में ऐसे लोग हैं, जो सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं. तीन चौथाई अमरीकी ही नियमित रूप से सुबह का नाश्ता करते हैं. वहीं, केवल दो तिहाई ब्रिटिश नागरिक नियमित रूप से सुबह का नाश्ता करते हैं. ब्रेकफ़ास्ट यानी रात भर भूखे रहने के सिलसिले को ब्रेक करना. हमारा शरीर रात में बदन में संचित ऊर्जा का इस्तेमाल शरीर के विकास और पुनर्निर्माण में करता है. ब्रितानी डायटीशियन सारा एल्डर कहती हैं, ''संतुलित नाश्ता करने से हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है. इससे हमें शरीर के विकास के लिए ज़रूरी प्रोटीन और कैल्शियम मिलते हैं.'' क्या सच में नाश्ता इतना ज़रूरी है? पर, अब विशेषज्ञों के बीच इस बात पर गहरे मतभेद उभर रहे हैं कि नाश्ते को इतनी अहमियत दी जाए या नहीं. हाल...